पितृ कुल कैसे काम करता है?

 पितृकुल की रचना वे लोग बेहतर समझ सकते हैं जो बैंकों का क्लियरिंग सिस्टम, नेटवर्क मार्केटिंग, स्टॉक मार्केट का सेटलमेंट सिस्टम, एयर ट्रैफिक का ग्लोबल स्ट्रक्चर या रेलवे कंट्रोल सिस्टम जानते हैं। थोड़े से अभ्यास से धरती के एक ऐसे सूक्ष्म आयाम को जाना जा सकता है जिससे अधिकांश मानव जाति अनजान है। बॉलीवुड मूवीज जैसे... डिफेंन्डिंग योर लाइफ, घोस्ट टाउन, फाइव पर्सन आई मेट इन हेवन, इन टाइम जैसी मूवीज बनाना पितृ लोक की समझ बिना संभव नही है। सनातन धर्म की प्रत्येक जाति, सम्प्रदाय अपने बच्चों की कमर, बाजू या गले में कोड़ी, चांदी और तांबे के प्रतीक पहनाते थे। ये सब अकारण नही था। संकेत के लिए आप देखिए कि एयर ट्रैफिक का लगभग 90% असेट हर समय हवा में रहता है अगर दुनिया का एयर ट्रैफिक हड़ताल करने की सोचे तो धरती पर इतना एयरक्राफ्ट्स के लिए बेस नही कि उसे ग्राउंड किया जा सके। आज स्टॉक मार्केट का सेटलमेंट सिस्टम क्रैश कर जाए तो दुनिया भर के कर्म भुगतान धराशायी हो जाए। प्रकृति की सेल्फ इंटिलिजेंस इन व्यवस्था से अनन्त शुद्धि के साथ है।