आपका व्यक्तित्व कैसा है?

क्या आप गर्मजोशी से लोगों से गले भी मिलते हो? क्यों?
आप शरारती कब हो जाते हो?
आपकी पहचान मजाकिया की है या एक गम्भीर प्रकृति के व्यक्ति के रूप में है?
आप मोका आने पर विवाद को निपटाने वाले हैं या टालने वाले?
आपको अभी इन दिनों मिली कोई प्रशंसा के बारे में बताओ।
अपने बारे में कुछ ऐसा बताओ जो आप आशा करते हो कि बदल जाए पर सम्भावना ये हो कि कभी भी नही बदलेगा।
आप नेतृत्व करते हैं या अनुसरण? इस आदत को पहचानते कैसे हो?
आप नियमों की पालना करने वाले हैं या नियमों को बदलने वाले?
आप अंतर्मुखी हो या बहिर्मुखी? कैसे?
आप खुद को भावुक मानते हो या विचारक?
आपका समय पालन का तरीका क्या है? देरी से/समय पर/ समय से पहले?
अभी हाल ही में आपने क्या लक्ष्य निर्धारित किया हुआ है? इसे पाने के लिए आप क्या कदम उठा रहे हो?
किस सीमा तक आप देशभक्त हो? अपनी देशभक्ति का पालन किस तरह से करते हैं?
क्या आप आदतों के शिकार व्यक्ति हैं?
किन हालातों में आप बचने की प्रवृति अपनाने लगते हैं?
किस पुस्तक ने आपको सबसे अधिक प्रभावित किया है?
किस आयु में आप रिटायर हो जाएंगे?
क्या खरीददारी में आप मोलमुलाई करते हो?
क्या आप बाजार करने के शोकीन हैं? अपनी पसन्द की खरीददारी बताओ।
क्या आप सलीका पसन्द व्यक्ति हैं?
आप सफाई पसन्द हैं या व्यवस्था पसन्द?
अपना कोई आखरी मोका बताओ जब आपने शारीरिक रूप से अपनी सारी ताकत झोंक दी थी।
अपनी कोई एक हॉबी बताओ।
आपने आज तक कितनी कविताएं बनाई है?
अचानक आए संकट पर आप किस तरह से बर्ताव करते हो?
अपने जीवन की कमजोरियों को आप औरों के सामने किस तरह से पेश करते हो?
आप तकनिकी तौर पर कितने कुशल हैं?
आप एक समय में कितने लोगों से भिन्न भिन्न सम्वाद कर सकते हो?
आपकी अनेक लोगों से मित्रता है या कुछ गिने चुने अभिन्न मित्र रखना पसन्द करते हो?
अनिश्चिताओं के अवसर पर आप अपने को कितना सहज पाते हो?  
एक से दस के पैमाने पर अपनी कम्प्यूटर पर बैठने की आदत को अंक दीजिये।
क्या आप अन्धविश्वासी हैं? उदाहरण दीजिए।
अपनी मा के बारे में एक शब्द में वर्णन करो।
अपनी पिता के बारे में एक शब्द में वर्णन करो।
क्या आपके पास किसी तरह का संग्रह है? आपने ये संग्रह क्यों किया?
आपको झेंप कब आने लगती है?
आप अपने को बचत करने वाला मानते हो या दाँव पर लगा देने वाला?
ऐसा क्या है जिसको बेचने/खोने/भेंट कर देने का आपको अभी तक अफसोस है?
वातावरण के प्रति खोये रहने/सजग रहने के अपने व्यवहार को एक से दस तक में से अंक दें।
आप भुलक्कड़ हैं या बातों को लम्बे समय तक याद रखते हैं?
आकर्षक दिखने से आपका क्या अर्थ है?
आप अंपनी दुनिया स्वयं बनाना पसन्द करते हैं या बनी हुई दुनिया पा लेने का प्रयत्न करते हैं?
जीवन में ऐसा क्या है जिस पर आपना सहज अधिकार समझते हैं?
बात करते हुए लोगों के बीच में बोलने की अपनी आदत के बारे में बताओ।
जब खाली समय हो तो अक्सर आपका दिमाग किन खयालों में खोया रहता है? 
आपके रोजगार के लक्ष्य क्या हैं?
जीवन में मारामारी का खयाल सही है तो आप कितना भागीदार हैं और जीतते हैं? क्यों?
आप कंजूस हैं या खर्चीले प्रकृति के व्यक्ति माने जाते हैं?
आप खुद को लापरवाह मानते हैं या सजग?
आप जोखिम उठाना पसन्द करते हैं या इनसे बचना? स्पष्ट करो।
आप लोगों को खुश देखना पसन्द करते हैं या सच्चाई बता कर सजग कर देना पसन्द करते हैं?
आप किन विचारों के उमड़ने पर लिखने बैठ जाते हैं?
अभी हाल ही में आपने क्या चुनौती स्वीकार की थी?
आखरी अवसर के बारे में बताएं जब आपका चिल्लाने का मन कर रहा था?
आप कभी काम पूरा कर लेने पर दुबारा चैक करते हैं या कई बार तीन बार तक जाँच कर लेते हो?
आप बोर कब होने लगते हो?
लोगों की किस आदत से आप परेशान हो जाते हो?
अपनी किसी विचित्र आदत के बारे में बताओ जिसे लोग नही जानते/समझ पाते?
एक से द्स के स्केल पर खुद को अंक दे कर बताओ कि आप अपने जीवन को नियंत्रित करके चलते हो? या सहज रूप से होने देते हो?
अपनी किस बुरी आदत से आप छुटकारा पाना चाहते हो?
एक से द्स के स्केल पर खुद को अंक देकर बताओ कि आप काम करते हुए सीख लेने में यकीन करते हो या सीख लेने के बाद काम आरम्भ करने में यकीन करते हो। 
जीवन का कोई विचित्र अनुभव बताओ जो आपने या तो कभी किसी से कहा नही या बहुत कम लोगों से कहा है।
आपका अधिकांश पैसा कहाँ खर्च हो जाता है?
आप सबसे अधिक किन विषयों पर विचार करते हो?
इन दिनों आप कौनसी पुस्तक पढ़ रहे हैं?
आप को किसी प्रकार की एलर्जी हो तो बताओ।
आप कितने सहनशील हैं?
दूसरे लोगों से आप किस हद तक प्रभावित हो जाते हो?
आप अपने परिचितों में किस सीमा तक खुद को एक शारीरिक खिलाड़ी मानते हो?
आपको चिंताएं कब सताने लगती हैं?
24 घण्टों में आप सबसे अधिक सहज कब अनुभव करते हो?
आप साधारणतया कितना बजे उठते हो? अलार्म की जरूरत होती है?
किस प्रकार के भय से आप मुक्ति चाहते हैं?
जीवन के किन पलों में आपको गुलामी का अहसास होने लगता है?
अपने को किन विषयों में आप श्रेष्ठ मानते हो?
आप काम करना पसन्द करते हो या लोगों के बीच बैठना पसन्द करते हो?
अपनी वर्तमान आयु पर कोई टिप्पणी करो।
आपके लिए अच्छा दिखना महत्वपूर्ण है या अच्छा अनुभव करना?
अच्छे दिनों से आपका क्या आशय है?
आप खरीददारी करते हो तो घर से सुची बना कर चलते हो? या पसन्द आने पर कुछ भी खरीद लेते हो?
जीवन में कुछ अच्छा होता है तो आप सबसे पहले किसे खबर करते हो?
कुछ बुरा होने पर आप किसे खबर करते हो?
किन हालातों में आपके हाथ पाँव फूल जाते हैं जुबान लड़खड़ाने लगती है?
किन परिस्थितियों में आप बेचैन हो उठते हो?
आप पूर्ण सहज कब अनुभव करते हो?
आप एक बार में कई काम निपटा लेते हो या एक एक करके काम करना पसन्द करते हो?
आराम करने का आपका तरीका क्या है?
आप रात में देर तक जागना पसन्द करते हैं? या सुबह जल्दी उठना पसन्द करते हैं?
ऐसा क्या है जो आपको हैरान कर देता है?
आप विदा होते समय जल्दी से गुड्बाय कह देते है/धीरे धीरे/कहते ही नही हैं?
आप जोखिम उठा कर किस प्रकार का मनोरंजन करना पसन्द करते हैं?
क्या है जिसकी वजह से आप बार बार जीवन को परीक्षा की घड़ी की तरह से अनुभव करने लगते हैं?
लोगों का परीक्षण करने की अपनी कुशलता/आदत को आप द्स में से कितने अंक देंगे?
किन अवसरों पर आप लोगों का परीक्षण करने लग जाते हैं?
अभी आपके काम में क्या है जो आप पसन्द करते हो या ना पसन्द हो?
शरीर की सबसे बड़ी कमजोरी बताओ।
किन हालातों में आपके लिए नींद लेना कठिन हो जाता है?
क्या आपके साथ अक्सर किसी किस्म की दुर्घटनाएं हो जाती है?

एक कैदी ने जेल की दीवारों पर लिखा था कि ईश्वर अगर कहीं है तो उसे आकर मुझसे माफी माँगनी होगी... आपकी मान्यता क्या है?


हजारों उत्तर जानकर ज्ञानी होने से ज्यादा कीमती है कुछ सवाल अपने मन में जिन्दा रखना और उनके किसी भी उत्तर से संतुष्ट ना होना। बल्कि उन प्रश्नों के और अधिक सटीक उत्तर तलाश करना। यह प्रक्रिया आपके जीवन में निरंतर निखार लाने लगती है। आपकी शक्ति, स्वास्थ्य, समृद्धि, आकर्षण, सम्मान, प्रभाव, समझ, आनन्द, सफलता, सुख, सौंदर्य, सम्बन्ध, ईश्वर कृपा, स्वंत्रता,   
1.         अपनी धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ जाने में क्या आपको डर लगता है? क्यों?
2.      अगर ईश्वर आपके सामने आए तो आपको वह सबसे पहले क्या कहेगा?
3.      क्या ईश्वर कर्मों का तत्काल फल देता है? या समय आने पर? स्पष्ट करें।
4.      अगर कोई साथ हो तो बोल कर अपनी प्रार्थना कर सकते हो? क्यों?
5.      अपने भीतर विचार और ईश्वर की आवाज में आप अंतर कैसे करते हैं?
6.      अगर चमत्कार देखना हो तो ईश्वर से इस समय आप क्या प्रार्थना करेंगे?
7.      ईश्वर के होने पर आपको सन्देह होने लगता है। कुछ कारण बताएं।
8.      ईश्वर आपके अधीन होता तो आप उसे क्या करने का आदेश देते?
9.      अपने जीवन में किसी चमत्कार का वर्णन करें।
10.    अगर पहचान करनी हो कि आगंतुक धार्मिक है, तो क्या चिन्ह देखते हैं?
11.  कभी आपने ध्यान किया है? अनुभव बताएं।
12.  क्या आपने दीक्षा या गुरूमंत्र लिया है? आपके लिए ये कितना महत्वपूर्ण है?
13.  जीवन को पवित्र बनाने के लिए आप क्या क्या करते हैं?
14.  कब आपको लगा कि जैसे साक्षात ईश्वर आपके साथ खड़ा था?
15.  आपके पिता ने आपकी धार्मिक मान्यता को किस हद तक प्रभावित किया है?
16.  किस वजह से आप अक्सर ईश्वर को धन्यवाद देते हैं?
17.  आपकी राय में सनातन धर्म में बहुत खामियाँ है? या बहुत खूबियाँ है?
18.  जीवन में आपकी कोई महत्वपूर्ण प्रार्थना जिसे ईश्वर ने सुन लिया हो?
19.      आपने अपना धर्मग्रन्थ पढ़ा है? कितनी बार? इसे पढ़ने की मन में क्यों आती है?
20.  कोई एक बात बताएं जो ईश्वर के सम्बन्ध में आपको कभी भी समझ नही आती।
21.  अपने धार्मिक होने की आप क्या दूसरों से तुलना करते हैं? क्यों?
22.  ईश्वर की कृपा के लिए आप किन बातों का अवश्य पालन करते हैं?
23.  आपको लगता है कि पाप करोगे तो आप ईश्वर से दूर हो जाओगे? क्यों?
24.  जीवन में जब घटनाएं आपके अनुसार ना हो तो क्या ईश्वर से नाराज होते हो? क्यों?
25.  जीवन, मृत्यु और सृष्टि की उत्पत्ति के प्रश्न कभी मन में आते हैं? क्या इनकी उपेक्षा कर देते हो? क्यों?
26.  आपकी धार्मिक मान्यता आपके जीवन को किस तरह प्रभावित कर रही है?
27.  एक प्रश्न पूछें जिसके लिए आप मानते हैं कि केवल भगवान ही उत्तर दे सकता है।
28.  प्रार्थना कब व कैसे करते हो? इसके लिए क्यों प्रेरित होते हो?
29.  एक से दस के स्केल पर आप कितना अपने को ईश्वर के समीप पाते हो?
30.  ईश्वर को पाने की अपनी प्यास को एक से दस के स्केल पर नापो।
31.  अपने सम्प्रदाय के बारे में अपनी समझ को एक से दस के स्केल पर नापो।
32.  कोई ऐसा मोका याद करो जब आपको लगा हो कि जैसे ये तो ईश्वर का निर्देश मिला था।
33.  ईश्वर पर विश्वास और अविश्वास से आपके जीवन पर कितना प्रभाव पडता है?
34.  ईश्वर से आपको क्या भय लगता है?
35.  ईश्वर पर विश्वास करना कठिन कब हो जाता है?
36.  अगर मित्र को समझाना हो ईश्वर के बारे में तो आप कैसे स्पष्ट करोगे?
37.  अगर ईश्वर इस जगत का पालनहार है तो एक से दस के स्केल पर वह आपको कितना खयाल रखता है?
38.  आपको कोनसा भय सताता है कि जिससे आपको लगता है कि अब तो ईश्वर ही मददगार है?
39.  ईश्वर दुःखों का अंत क्यों नही करता?
40.  कोई ऐसा अवसर बताओ जब लगा हो कि साक्षात ईश्वर ने ही मदद की थी।
41.  गीता में कृष्ण के दावे पर कि केवल मेरी शरण में आ जाओ आपके सब दुःखों का अंत हो जाएगा आपकी क्या राय है?
42.  आध्यात्मिक विकास में आपकी सबसे बड़ी बाधा क्या है?
43.  एक से दस के स्केल पर आध्यात्मिक विकास की यात्रा में आप किस पड़ाव पर हैं?
44.  कार के उदाहरण से समझाओ कि आपके जीवन में ईश्वर कहाँ है? (ड्राइवर सीट, बैक सीट, हैड लाइट, डैशबोर्ड आदि)
45.  आध्यात्मिक समझ बढ़ाने की आपकी इच्छा में प्रमुख बाधा क्या है?
46.  स्वर्ग में कोन जाएगा? क्यों?
47.  अगर ईश्वर को आकर दुःखों का अंत करना हो तो वह मनुष्य जाति के लिए क्या करेगा? किस स्थिति में मनुष्य जाति सुखी और आत्मनिर्भर हो जाएगी?
48.  धरती पर आपको नरक का अनुभव कब हुआ?
49.  आपकी राय में ईश्वर दुष्टों का संहार अभी क्यों नही कर देता?
50.  डकैती, दुर्घटना, हत्या, बलात्कार आदि अवसरों पर ईश्वर कहाँ चला जाता है?
51.  अगर आज मृत्यु हो जाए तो आप स्वर्ग जाना पसन्द करोगे? क्यों?
52.  अगर रूप से सिद्ध हो जाए कि ईश्वर है तो आप उससे क्या रिश्ता बनाना पसन्द करोगे?
53.  आपके सम्प्रदाय के आदेशानुसार आप ईश्वर पर यकीन करें तो क्या यह आपका जीवन प्रभावित करता है?
54.  किसी आध्यात्मिक अनुभव का वर्णन करें।
55.  इन दिनों आप किन धार्मिक प्रश्नों से परेशान हैं?
56.  अक्सर आप क्या प्रार्थना करते हैं?
57.  कौनसे धार्मिक अनुभव ने आपके जीवन को सबसे अधिक प्रभावित किया?
58.  ईश्वर की अपनी वर्तमान धारणा से आप कितने संतुष्ट हैं? किन हालात में आपका यह विश्वास टूट जाएगा?
59.  धार्मिक आदमी के कोनसे काम ईश्वर को स्वर्ग ले जाएंगे? अधर्मी आदमी क्या क्या नही करता?
60.  क्या ये सम्भव है कि लोग अपनी आत्मा खोकर दुनिया के सुख बटोर लेते हैं?
61.  दुनिया के सारे सुख भोग करते हुए भी क्या कोई अपनी आत्मा बचाए रख सकता है?
62.  ईश्वर अपनी परम कृपा कैसे प्रदर्शित कर सकता है?
63.  कौनसी धार्मिक पंक्तियाँ आपको अत्यंत प्यारी लगती है? क्यों?
64.  अपने धर्म ग्रंथ का कौनसा हिस्सा आपको सबके लिए कल्याणकारी लगता है? जिसे आप कण्ठस्थ नही कर पा रहे?
65.  कोनसी निर्णायक घड़ी थी जब आपको लगा कि मैं निर्णय नही ले पा रहा, ईश्वर को ही ये काम करना उचित होगा। क्या नतीजा रहा?
66.  स्कूली कक्षा के आधार पर अपनी धार्मिक यात्रा का वर्णन करो। ( पहली, सेकेंड्री, स्नातक आदि)
67.  अपने ईश्वर के किस कथानक पर आपको सबसे ज्यादा हैरानी होती है? (उनके जीवन काल की कोई घटना)
68.  आपकी समझ से आपके सम्प्रदाय का केन्द्रीय सन्देश क्या है?
69.  अपना कोई धार्मिक पक्ष बताएं जिसे आपके अधिकाँश मित्र-रिश्तेदार नही जानते।
70.  ठीक इस समय आपको ईश्वर क्या कह रहा है?
71.  मरते समय ईश्वर आपको क्या कहेगा?
72.  आपके ईश्वर ने जन्म क्यों लिया था? आपका जन्म क्यों हुआ?
73.  ईश्वर के होने से आपको कोनसी एक बात दुःखी करती है? अगर ईश्वर नही है तो कौनसी एक बात आपको दुःखी कर रही है?
74.  पुनर्जन्म के बारे में आप क्या कहेंगे?
75.  आपका ईष्ट आपका क्या लगता हैं?
76.  मरते ही भगवान से पहला प्रश्न क्या करोगे?
77.  आपके धार्मिक प्रदर्शक की क्या योग्यताएं होनी चाहिए?
78.  ईश्वर आप पर सबसे ज्यादा क्या कृपा करते हैं?
79.  किस धटना या समझ से आपका सबसे अधिक आध्यात्मिक विकास हुआ?
80.  कब आपकी प्र्रार्थना क्रोध और दुःख में बदल गई थी?
81.  अपने किसी धार्मिक भ्रम/मान्यता का वर्णन करो जो अब टूट गया हो।
82.  अपने किसी सांसारिक भ्रम/मान्यता का वर्णन करो जो अब टूट गया हो।
83.  क्या आप धार्मिक चर्चा दूसरों के साथ सहजता से कर लेते हैं?
84.  क्या आपको किसी धार्मिक मित्र/सहयोगी की तलाश है?
85.  क्या सम्भव है कि किसी एक की कृपा अनंत के दुःखों का हरण कर लेती है?     
86.  क्या धार्मिक मान्यताएं सुरक्षा की झूठी दीवार है? अपने आंतरिक जीवन को आप कैसे सम्भालना चाहेंगे?
87.  पुनर्जन्म नही होता इस मान्यता पर आप कितना यकीन करते हैं? क्यों? अथवा क्यों नही?
88.  कोई आध्यात्मिक जानकारी/अनुभव बताओ जो आप अपने जीवन में चूक रहे हो।
89.  “मन्दिर जाने से कोई धार्मिक नही हो जाता” बताइये सच है या झूठ? क्यों?
90.  पाप क्या है?
91.  पाप का क्या फल होता है? अगर होता हो तो।
92.  क्या ईश्वर की उपेक्षा की जा सकती है/तटस्थ रहा जा सकता है?
93.  आपकी सबसे बड़ी धार्मिक चुनौती/दुविधा क्या है?
94.  कृष्ण के अवतार का सबसे बड़ा कारण क्या था?