Your child is just an industrial fit, you are shaping him/her just for slavery.

👉अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के अनुसार (ILO Classification) लगभग 5000 प्रकार से लोग जीविका कमाते हैं।
👉कोई राष्ट्रपति, अंतरिक्ष यात्री, गायक, किसान आदि कुछ भी बनना चुन सकता है।
👉स्कूल से लेकर कॉलेज तक बच्चा इन पांच हजार सुरंगों में से किसी एक सुरंग में फंसा दिया जाता है।
👉वह अपने फील्ड का ख्याति प्राप्त विशेषज्ञ बन जाता है या निचले दर्जे पर गुलाम बना रह कर जीवन काटना नीयति मान लेता है।
👉दुनिया की अधिकांश आबादी चूहों के लिए बनाए गए लगभग 5000 शाखाओं के इस ट्रेप में फंस कर मर जाती है।
👉कुछ महिमा मंडित होकर मरते हैं अधिकांश गुमनाम मर जाते हैं।
👉धरती पर रची गई इस माया नागरी में specialized institutions बुद्धिमान लोगों को आज्ञाकारी रोबोटिक लाइफ चुनने के लिए मजबूर कर देते हैं।
👉स्कूल से कॉलेज के सफर तक व्यक्ति निम्न साक्षर से उच्च साक्षर मात्र होता है।
👉 प्रायोजक उद्योगपतियों  के  आदेश  के अनुसार उनको काम करना होता है।
👉इन प्रायोजित इंस्टीट्यूशन्स से बच कर कुछ लोग मुख्यधारा से बाहर सोचने लगें तो वे व्यवस्था के लिए चुनोती बन सकते हैं।
👉 आपका मन इस विराट जाल से बाहर झाँक सकता है।
👉चेतना के उच्च स्तरों को छू सकने में आप सक्षम हो।
👉मैं शिक्षा के लिए एक नए द्वार में प्रवेश करने में आपकी मदद कर सकता हूँ। निमंत्रण है---

Suresh K Sharma
Life Coach & Counsellor 09929515246